Dr Ram Dayal Munda Tribal Welfare Research Institute

Tribal Welfare Research Institute

Dr. Ram Dayal Munda Tribal Welfare Research Institute is a High Level Academic Institute established in 1953 by the order of Honorable President of India after recommendation of Commissioner for scheduled castes and scheduled tribe for the purpose of understanding varied and complex problems of tribal groups in the state with the use of modern and scientific study.

Primary aim of the institute is to do  research and documentation, training and capacity development , as well as dissemination of information and awareness to generate evidence-based policy, programs and legislation to recommend and support welfare schemes of the government.

Prime Objectives
  1. Research
    1. Anthropological studies including social, economic and cultural issues, Traditional Knowledge Systems etc.
  2. Survey
    1. Baseline and other surveys on communities.
  3. Evaluation and impact assessment studies.
  4. Documentation of the rich cultural heritage of the state's tribes.
  5. Creating awareness regarding sensitivity to tribal issues.
The following actions are performed by the institution :
  1.  Research and documentation on Tribal customs, language, culture, arts, health and their diverse problems.
  2. Study & evaluation of various Tribal welfare and development programs operated by the government. 
  3. Baseline survey.
  4. Tribal community building and the publication of monographs.
  5. Publication of Tribal languages Books.
  6. Publication of research-based journal.
  7. Preserve and publish the collection of Tribal societies extinct -Story fiction, puzzles, songs, nursery rhyme, proverb, jokes, etc. 
  8. State / National Level Seminar and workshop on Various tribal issues.
  9. Conducting awareness programs and training on Tribal rights regarding legal / constitutional provisions / Forest Rights Act / PESA etc

जनजातीय कल्याण शोध संस्थान

डा0 रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान पूर्ण रूपेण एक उच्चस्तरीय अकादमीक संस्थान (High Level Academic Institute) हेै जो आयुक्त, अनुसूचित जाति/जनजाति द्वारा राष्ट्रपति महोदय को दिये गये सुझाव पर विमर्षोपरान्त भारत सरकार द्वारा जनजातियों के कल्याणार्थ अनुसंधान एवं अभिलेखन, प्रषिक्षण एवं क्षमता विकास, सूचना प्रसार एवं जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ साक्ष्य आधारित नीति, आयोजनों एवं विधानों का समर्थन करने के अतिरिक्त जनजातीय कल्याण के लिये संचालित योजनाओं का मूल्यांकन कर सरकार को सुझाव देने तथा जनजातीय कल्याण के लिये अपने शोध एवं निष्कर्ष के आधार पर सरकार को परामर्षित करने के उद्देष्य से सर्वप्रथम चार राज्यों बिहार, बंगाल, उड़ीसा एवं मध्य प्रदेष में क्रमषः राँची, कोलकाता, भुवनेष्वर एवं छिन्दवाड़ा में खोलने संबंधी निर्णय के फलस्वरूप वर्ष 1953 में राँची में स्थापित किया गया।

इस प्रकार जैसा कि इसके स्थापना के उद्देष्य से ही स्पष्ट है कि संस्थान का मुख्य कार्य जनजातीय और गैर जनजातीय आबादी के बीच विकास के अन्तर को पाटकर उन्हें मुख्य धारा में जोड़ने के साथ उनकी संस्कृति, रीति-रिवाज, व्यवहार एवं भाषा की विषिष्टता को संरक्षित एवं सुरक्षित रखने के लिये अनुसंधान, अभिलेखन, संगोष्ठी, कार्यषाला, प्रषिक्षण तथा क्षमता विस्तार हेतु सूचना का प्रसार एवं जागरूकता उत्पन्न करना है। इस क्रम में संस्थान द्वारा निम्नांकित कार्य निष्पादित किये जाते हैं-

  1.  जनजातीय रीति-रिवाज, भाषा, संस्कृति, कला, स्वास्थय एवं उनकी विविध समस्याओं पर अनुसंधान एवं अभिलेखन।
  2. सरकार द्वारा जनजातीय कल्याण के लिये संचालित विकास कार्यक्रमों एवं विविध योजनाओं का मूल्यांकन अध्ययन।
  3. आधारभूत सर्वेक्षण।
  4. जनजातीय समुदाय के बारे में मोनोग्राफ निर्माण एवं उसका प्रकाषन।
  5. जनजातीय भाषाओं की पुस्तकें/षब्दकोष, वार्तालाप निर्देषिका तैयार करना एवं उसका प्रकाषन।
  6. शोध आधारित जर्नल का प्रकाषन।
  7. जनजातीय समाज में विलुप्त होती कथा -कहानी, पहेली, गीत, बालगीत, लोकोक्ति, मुहाबरे, चुटकुले आदि को संरक्षित करने हेतु अनुसंधान एवं प्रलेखीकरण द्वारा संग्रहण तथा प्रकाषन।
  8. विभिन्न जनजातीय मुद्दों पर राज्यस्तरीय/राष्ट्रस्तरीय सेमिनार एवं कार्यषाला का आयोजन।
  9. अनुसूचित क्षेत्रों/जनजातीय अधिकारों के संबंध में कानूनी/संवैधानिक प्रावधानों/ वन अधिकार अधिनियम/पेसा आदि से रू-ब-रू कराने तथा जनजातीय समाज के क्षमता विकास तथा जागरूकता लाने के उद्देष्य से जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रषिक्षण का आयोजन।

World tribal Day

Tribes of Jharkhand